साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें। जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से https://alexisjdpeu.blognody.com/46560847/business-growth-can-be-fun-for-anyone